दिल को कह दो बच्चा जी
ये तरीका अच्छा जी
ये तरीका अच्छा जी
कर लो भर के नादानी
मन भर मन की मनमानी
छोडो ये ज़िम्मा विम्मा
ये तो साला निकम्मा
ये अच्छा बहाना जी
नहीं किसीको मनाना जी
आज इधर कल उधर परिंदा
दोस्त कभी तो कभी दरिंदा
अलट पलट सब सही गलत
राजा जो कह दे वो सत
इस नगरी का राजा जी
दिल है पी के गाँजा जी